Diaries

A sketch of Pakistani singer Ali Sethi. source- Instagram.

My hummingbird: How singer Ali Sethi’s music became my respite in this lockdown

By Shashank Shekhar in New Delhi माँग रखी थी बड़ी देर से जो वस्ल की शाम वो मेरे हाथ बड़ी देर के बाद आयी है… … ये मुलाक़ात बड़ी देर के बाद आयी है लब पे एक बात बड़ी देर … Read More

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The Great Migrant Crisis during lockdown

The glass half full: Welcome to the ‘NEW’ new

By Anupriya Singh in Mumbai यूं ही बे-सबब न फिरा करो कोई शाम घर में रहा करो वो ग़ज़ल की सच्ची किताब है उसे चुपके चुपके पढ़ा करो कोई हाथ भी न मिलाएगा जो गले मिलोगे तपाक से ये नए … Read More

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लॉकडाउन के वक़्त सुनसान पड़ी गुड़गांव और गाज़ियाबाद की सड़कें।

गुड़गांव से गाज़ियाबाद की यात्रा: जीवन का एक ही मूल मंत्र – मानव और प्रकृति में सामंजस्य

रेखा सिंह , नई दिल्ली 4 मार्च को आखिरी बार मैं घर से बाहर निकली थी। उसके बाद तो कॅरोना का कहर ऐसे वेग से आया कि न केवल मेरा बल्कि सभी का जीवन जैसे थम सा गया। कॉलोनी में … Read More

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An ode to my mother - A Teachers' Day tribute

An ode to my mother – A Teachers’ Day tribute

By Sakshi Upadhyay माँ सिर्फ एक शब्द नहीं है, एक अनुभूति है , एहसास है निराशा के पलों में मन का विश्वास है जैसे बारिश के बाद हवा में किसी ने घोली मिठास है। कभी सोचा है तुमने अपनी माँ … Read More

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