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लॉकडाउन के वक़्त सुनसान पड़ी गुड़गांव और गाज़ियाबाद की सड़कें।

गुड़गांव से गाज़ियाबाद की यात्रा: जीवन का एक ही मूल मंत्र – मानव और प्रकृति में सामंजस्य

रेखा सिंह , नई दिल्ली 4 मार्च को आखिरी बार मैं घर से बाहर निकली थी। उसके बाद तो कॅरोना का कहर ऐसे वेग से आया कि न केवल मेरा बल्कि सभी का जीवन जैसे थम सा गया। कॉलोनी में … Read More

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An ode to my mother - A Teachers' Day tribute

An ode to my mother – A Teachers’ Day tribute

By Sakshi Upadhyay माँ सिर्फ एक शब्द नहीं है, एक अनुभूति है , एहसास है निराशा के पलों में मन का विश्वास है जैसे बारिश के बाद हवा में किसी ने घोली मिठास है। कभी सोचा है तुमने अपनी माँ … Read More

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Don't let the child in you die

नासमझ बचपन ना भूल जाना

By Varsha Singh   कभी समझकर ये नासमझ बचपन ना भूल जाना, नन्हे नन्हे कदमो का हमारी ज़िन्दगी में आना, फूल सी मुस्कान से हमारी बगिया महकाना, सरपट सरपट इधर उधर भागना, सावन की पहली बारिश में सोंधी मिट्टी सा … Read More

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